एक रात की अनोखी यादें

शाम का समय था, और मैं अपनी रोज की तरह ऑफिस से घर लौट रहा था। दिल्ली की व्यस्त सड़कों पर ट्रैफिक की वजह से थोड़ी देर हो गई थी, लेकिन मैंने सोचा कि आज रात घर पर ही आराम करूंगा। मेरा नाम रोहन है, मैं 28 साल का हूं, और एक आईटी कंपनी में काम करता हूं। घर पहुंचकर मैंने सबसे पहले चाय बनाई और बालकनी में बैठकर शहर की लाइट्स को देखने लगा।

मेरा अपार्टमेंट ग्रेटर नोएडा में है, जहां मैं अकेला रहता हूं। मेरी जिंदगी काफी रूटीन वाली है – सुबह जिम, फिर ऑफिस, और शाम को कभी-कभी दोस्तों से मिलना। आज मुझे प्रिया का मैसेज आया था, जो मेरी पुरानी कॉलेज फ्रेंड है। उसने कहा कि वो, नेहा और शिखा मिलकर एक छोटी सी गेट-टुगेदर प्लान कर रही हैं, और क्या मैं उनके साथ जॉइन कर सकता हूं। मैंने हां कह दिया, क्योंकि लंबे समय बाद उनसे मिलना अच्छा लगेगा।

प्रिया, नेहा और शिखा तीनों मेरी कॉलेज की दोस्त हैं। हम सब दिल्ली यूनिवर्सिटी में साथ पढ़े थे। प्रिया 26 साल की है, वो एक ग्राफिक डिजाइनर है, हमेशा क्रिएटिव आइडियाज से भरी रहती है। नेहा 27 की है, वो एक स्कूल टीचर है, शांत और समझदार। शिखा भी 26 की है, वो मार्केटिंग में है, और सबसे ज्यादा एनर्जेटिक। हम चारों का ग्रुप कॉलेज के दिनों से ही मजबूत है, लेकिन ग्रेजुएशन के बाद सब अपनी-अपनी जिंदगी में व्यस्त हो गए।

रात के आठ बजे मैं उनके अपार्टमेंट पहुंचा, जो मेरे घर से ज्यादा दूर नहीं था। प्रिया ने दरवाजा खोला और मुस्कुराते हुए मुझे गले लगाया। "आखिरकार आ गए तुम, रोहन! हम सब इंतजार कर रही थीं," उसने कहा। अंदर नेहा और शिखा सोफे पर बैठी थीं, टेबल पर स्नैक्स और ड्रिंक्स रखे थे। हमने बातें शुरू कीं – कॉलेज की यादें, नौकरी की शिकायतें, और शहर की भागदौड़।

बातों-बातों में समय बीतता गया। नेहा ने कहा, "यार रोहन, तुम अब भी वैसे ही हो, हमेशा काम में डूबे रहते हो। कभी लाइफ एंजॉय भी करो।" मैं हंस पड़ा और बोला, "तुम तीनों तो हो ही, तुम्हारे साथ तो हर पल एंजॉयमेंट है।" शिखा ने वाइन की बॉटल खोली और सबके ग्लास भरे। हमने चीयर्स किया और पुरानी फोटोज देखने लगे।

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धीरे-धीरे माहौल और गर्म होने लगा। बाहर बारिश शुरू हो गई थी, जो दिल्ली की गर्मी में राहत दे रही थी। प्रिया ने म्यूजिक ऑन किया, और हम सब डांस करने लगे। नेहा थोड़ी शर्मीली थी, लेकिन शिखा ने उसे खींच लिया। मैं उनके बीच में था, और उनकी हंसी मुझे अंदर से खुश कर रही थी। कॉलेज के दिनों की तरह ही लग रहा था, लेकिन अब हम सब बड़े हो चुके थे।

रात के दस बजे तक हम काफी बातें कर चुके थे। शिखा ने कहा, "चलो, कोई गेम खेलते हैं। ट्रुथ ऑर डेयर?" सब सहमत हो गए। पहले राउंड में प्रिया ने नेहा से पूछा कि उसका सबसे बड़ा सीक्रेट क्या है। नेहा ने शरमाते हुए बताया कि वो कभी किसी लड़के के साथ डेट पर नहीं गई। हम सब हंस पड़े, लेकिन मैंने देखा कि नेहा की आंखों में एक अजीब सी चमक थी।

मेरा टर्न आया, और मैंने ट्रुथ चुना। शिखा ने पूछा, "रोहन, तुम्हें हम तीनों में से कौन सबसे ज्यादा पसंद है?" मैं असमंजस में पड़ गया। "सब अपनी-अपनी जगह पर स्पेशल हैं," मैंने कहा, लेकिन अंदर से मुझे लग रहा था कि आज की रात कुछ अलग होने वाली है। प्रिया की नजरें मुझ पर टिकी हुई थीं, जैसे वो कुछ कहना चाहती हों।

गेम जारी रहा, और डेयर में नेहा को शिखा ने कहा कि वो मुझे एक किस दे। नेहा हिचकिचाई, लेकिन फिर धीरे से मेरे गाल पर किस किया। वो पल अजीब सा था, लेकिन मीठा भी। मैंने महसूस किया कि मेरे दिल की धड़कन तेज हो गई है। बारिश बाहर और तेज हो गई थी, और हम सब सोफे पर करीब बैठ गए।

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धीरे-धीरे बातें पर्सनल होने लगीं। प्रिया ने कहा, "रोहन, तुम जानते हो, कॉलेज में मैं तुम्हें पसंद करती थी। लेकिन कभी कह नहीं पाई।" मैं हैरान हो गया। "सच में? मैं तो सोचता था कि तुम सिर्फ दोस्त हो।" नेहा और शिखा भी अपनी फीलिंग्स शेयर करने लगीं। शिखा बोली, "हम तीनों ने एक बार बात की थी कि तुम कितने क्यूट हो।"

माहौल में एक टेंशन थी, जो धीरे-धीरे बढ़ रही थी। मैंने प्रिया की ओर देखा, और वो मेरे करीब आ गई। उसकी सांसें मेरे चेहरे पर महसूस हो रही थीं। नेहा और शिखा हमें देख रही थीं, लेकिन किसी ने रोका नहीं। प्रिया ने धीरे से मेरे होंठों पर अपने होंठ रखे, और वो किस लंबा खिंच गया।

मैंने महसूस किया कि ये सिर्फ किस नहीं था, इसमें सालों की दबी हुई भावनाएं थीं। प्रिया की उंगलियां मेरे बालों में घूम रही थीं, और मैंने उसे अपनी बाहों में कस लिया। नेहा और शिखा चुपचाप देख रही थीं, लेकिन उनकी आंखों में भी वही चाहत थी। जब हम अलग हुए, तो प्रिया ने कहा, "आज रात हम सब कुछ भूल जाते हैं।"

शिखा ने नेहा का हाथ पकड़ा और बोली, "चलो, हम भी जॉइन करें।" मैं थोड़ा हैरान था, लेकिन अंदर से उत्साहित भी। हम सब बेडरूम की ओर बढ़े। कमरे में हल्की रोशनी थी, और बारिश की आवाज बाहर से आ रही थी। प्रिया ने मेरी शर्ट के बटन खोलने शुरू किए, और मैंने उसकी टी-शर्ट उतारी।

प्रिया की त्वचा नरम थी, और उसकी आंखों में एक गहराई थी जो मुझे खींच रही थी। मैंने उसे बिस्तर पर लिटाया और उसके गले पर किस करना शुरू किया। वो सिसक रही थी, "रोहन, इतना अच्छा लग रहा है।" मैंने धीरे-धीरे उसके कपड़े उतारे, और उसकी बॉडी को छूते हुए महसूस किया कि वो कितनी गर्म हो गई है।

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हमारी बॉडीज एक-दूसरे से जुड़ गईं। मैंने खुद को उसके अंदर महसूस किया, और वो कराह उठी। हर मूवमेंट में एक रिदम था, जैसे हम सालों से ये कर रहे हों। प्रिया की सांसें तेज थीं, और मैंने उसके कान में कहा, "तुम बहुत स्पेशल हो मेरे लिए।" वो क्लाइमैक्स पर पहुंची, और मैं भी उसके साथ।

जब हम अलग हुए, तो नेहा करीब आई। वो थोड़ी नर्वस लग रही थी, लेकिन उसकी आंखों में चाहत थी। "मैं पहली बार कर रही हूं, रोहन," उसने धीरे से कहा। मैंने उसे गले लगाया और बोला, "चिंता मत करो, मैं तुम्हारे साथ हूं।" मैंने नेहा को धीरे-धीरे किस किया, उसके होंठ मीठे लग रहे थे।

नेहा की बॉडी कांप रही थी, लेकिन वो मेरे स्पर्श से रिलैक्स होने लगी। मैंने उसके ब्रेस्ट को छुआ, और वो सिहर उठी। धीरे-धीरे मैंने उसे नंगा किया, और उसकी त्वचा पर अपनी उंगलियां फिराईं। नेहा की आंखें बंद थीं, और वो मेरे नाम का उच्चारण कर रही थी।

जब मैं उसके अंदर गया, तो वो दर्द से चीखी, लेकिन फिर प्लेजर में बदल गया। हमारा मूवमेंट स्लो था, इमोशनल। नेहा ने कहा, "ये फीलिंग अमेजिंग है, रोहन। मैं कभी नहीं भूलूंगी।" मैंने उसे कसकर पकड़ा, और हम दोनों एक साथ क्लाइमैक्स पर पहुंचे। उसकी आंखों में आंसू थे, लेकिन खुशी के।

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अब शिखा की बारी थी। वो सबसे बोल्ड थी, और उसने मुझे खींचकर बिस्तर पर गिराया। "अब मेरी turन, रोहन। दिखाओ क्या कर सकते हो," उसने हंसते हुए कहा। मैंने शिखा को किस किया, जो पैशनेट था। उसकी बॉडी एथलेटिक थी, और वो मेरे ऊपर आ गई।

शिखा ने मेरे कपड़े उतारे, और मैंने उसके। उसकी त्वचा पर मैंने अपनी जीभ फिराई, और वो मोअन कर रही थी। "तुम कितने हॉट हो, रोहन," उसने कहा। हमारी बॉडीज एक रिदम में मूव कर रही थीं, तेज और इंटेंस। शिखा की एनर्जी मुझे और उत्तेजित कर रही थी।

जब हम जुड़े, तो वो वाइल्ड थी। हर थ्रस्ट में एक नई फीलिंग थी, जैसे हम दोनों एक-दूसरे को चैलेंज कर रहे हों। शिखा ने मेरे कंधे पर काटा, और मैंने उसे और कस लिया। क्लाइमैक्स इतना पावरफुल था कि हम दोनों थककर गिर पड़े।

रात अभी बाकी थी, और हम तीनों लड़कियां मेरे चारों ओर थीं। प्रिया ने फिर से मुझे छुआ, और नेहा ने अपना सिर मेरे सीने पर रखा। शिखा ने कहा, "ये रात यादगार है।" हम फिर से शुरू हो गए, लेकिन इस बार सब साथ। भावनाएं उफान पर थीं, और हर स्पर्श में एक नई कहानी थी।

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प्रिया की बॉडी फिर से मेरे साथ जुड़ी, लेकिन अब नेहा भी शामिल थी। हमारा इंटरैक्शन मिक्स्ड था, इमोशन्स से भरा। शिखा ने हमें जॉइन किया, और रात की वो पल में हम सब एक हो गए। हर मूमेंट में वैरायटी थी – कभी स्लो, कभी तेज।

बारिश बाहर रुक चुकी थी, लेकिन हमारे बीच का तूफान जारी था। मैंने महसूस किया कि ये सिर्फ फिजिकल नहीं था, इसमें हमारी दोस्ती की गहराई थी। नेहा की सिसकियां, प्रिया की मोअन्स, शिखा की हंसी – सब मिलकर एक संगीत बना रहे थे।

सुबह होने वाली थी, लेकिन हम अभी भी एक-दूसरे में खोए हुए थे। प्रिया ने मेरे कान में फुसफुसाया, "ये कभी खत्म न हो।" नेहा ने मेरी उंगलियां पकड़ीं, और शिखा ने मुझे किस किया। हमारा आखिरी मूमेंट इतना इंटेंस था कि