जन्मदिन की अनोखी पार्टी
सुबह की धूप कमरे में धीरे-धीरे फैल रही थी, जब मैंने आँखें खोलीं। आज मेरा जन्मदिन था, लेकिन रोज की तरह ही मैं बिस्तर से उठी, किचन में जाकर चाय बनाई और बालकनी में खड़ी होकर शहर की हलचल को देखने लगी। काम पर जाने से पहले रोहन ने मुझे विश किया था, पर दिनचर्या वैसी ही थी—ऑफिस की मीटिंग्स, कॉफी ब्रेक्स और शाम को घर लौटना।
मैं प्रिया हूँ, तीस साल की, मुंबई में एक मार्केटिंग फर्म में काम करती हूँ। रोहन मेरा बॉयफ्रेंड है, हम पिछले तीन साल से साथ रहते हैं। हमारा अपार्टमेंट छोटा सा है, लेकिन आरामदायक, जहाँ शामें अक्सर फिल्में देखते या डिनर बनाते बीतती हैं। आज शाम को उसने सरप्राइज का वादा किया था, लेकिन मैंने ज्यादा उम्मीद नहीं की थी—शायद एक अच्छा डिनर या गिफ्ट।
दिन भर ऑफिस में बधाइयाँ मिलती रहीं, सहकर्मियों ने केक कटवाया और मैंने हँसते हुए सबका शुक्रिया अदा किया। घर लौटते वक्त मैंने सोचा कि रोहन शायद कैंडललाइट डिनर प्लान कर रहा होगा। दरवाजा खोलते ही मैंने देखा कि लिविंग रूम में हल्की लाइट्स जल रही थीं, और टेबल पर कुछ स्नैक्स रखे थे। रोहन मुस्कुराते हुए आया और मुझे गले लगाया।
“हैप्पी बर्थडे, प्रिया,” उसने कहा, और मेरे कान में फुसफुसाया, “आज कुछ स्पेशल है।” मैंने हँसकर पूछा कि क्या है, लेकिन उसने बस कहा कि वेट करो। थोड़ी देर बाद डोरबेल बजी, और मैंने दरवाजा खोला तो साहिल और नेहा खड़े थे—हमारे पुराने दोस्त, जो कॉलेज के दिनों से साथ हैं। साहिल रोहन का बेस्ट फ्रेंड है, और नेहा मेरी क्लोज फ्रेंड।
वे अंदर आए, गिफ्ट्स दिए और हम सब सोफे पर बैठ गए। नेहा ने कहा, “प्रिया, तू आज कितनी खूबसूरत लग रही है। रोहन ने हमें बुलाया है, पार्टी करने के लिए।” मैंने रोहन की तरफ देखा, जो शरारत भरी मुस्कान के साथ वाइन की बॉटल खोल रहा था। हमने ग्लास भरे और पुरानी यादों में खो गए—कॉलेज की ट्रिप्स, हँसी-मजाक, और वो दिन जब हम सब पहली बार मिले थे।
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शाम ढलते-ढलते एक और डोरबेल बजी, और इस बार अजय आया—हमारा कॉमन फ्रेंड, जो सिंगल है और हमेशा पार्टी का मूड बनाता है। “हैप्पी बर्थडे, ब्यूटी!” उसने चिल्लाते हुए कहा और मुझे हग किया। अब हम पाँच थे—मैं, रोहन, साहिल, नेहा और अजय। म्यूजिक चालू हुआ, और हम डांस करने लगे। मैं महसूस कर रही थी कि आज की शाम कुछ अलग है, सबकी आँखों में एक चमक थी।
वाइन के कुछ ग्लास के बाद बातें गहरी होने लगीं। नेहा ने कहा, “प्रिया, तूने कभी सोचा है कि जिंदगी में कितने एडवेंचर मिस कर देते हैं हम?” साहिल ने हँसकर जोड़ा, “हाँ, जैसे कॉलेज में हम सब कितने फ्री थे।” रोहन मेरे पास आया और मेरे कंधे पर हाथ रखा, उसकी उँगलियाँ धीरे से मेरी गर्दन को छू रही थीं। मैंने उसकी तरफ देखा, और उसकी आँखों में कुछ ऐसा था जो मुझे अंदर तक हिला गया।
अजय ने म्यूजिक तेज किया और कहा, “चलो, ट्रुथ या डेयर खेलें। बर्थडे स्पेशल!” सब सहमत हो गए, और खेल शुरू हुआ। पहले कुछ सवाल हल्के थे—पसंदीदा यादें, सीक्रेट क्रश। लेकिन धीरे-धीरे ये गहरे होने लगे। नेहा ने मुझसे पूछा, “प्रिया, तेरा सबसे वाइल्ड फैंटसी क्या है?” मैं हिचकिचाई, लेकिन वाइन की वजह से बोली, “शायद... कुछ अनएक्सपेक्टेड, जैसे ग्रुप में होना।”
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कमरे में एक पल के लिए सन्नाटा छा गया, फिर सब हँस पड़े। लेकिन रोहन की आँखें मेरी आँखों में गड़ी रहीं। साहिल ने कहा, “वाह, प्रिया, तू बदल गई है।” नेहा ने मेरे हाथ पकड़ा और कहा, “क्यों नहीं ट्राई करते आज? ये तेरा दिन है।” मैं हैरान थी, लेकिन अंदर एक उत्तेजना महसूस हो रही थी। क्या ये मजाक था? या सच में?
रोहन ने मेरे कान में कहा, “प्रिया, अगर तू चाहे तो... हम सब तेरे लिए हैं।” उसकी आवाज में एक गर्माहट थी, जो मुझे डराती भी थी और आकर्षित भी करती थी। मैंने सबकी तरफ देखा—साहिल की मुस्कान, नेहा की उत्सुकता, अजय का उत्साह। मैंने हाँ में सिर हिलाया, और बस, शाम का माहौल बदल गया। हम सब करीब आ गए, बातें कम हो गईं, और स्पर्श बढ़ने लगे।
रोहन ने मुझे किस किया, उसकी जीभ मेरे होंठों पर खेल रही थी। नेहा मेरे पास आई और मेरे बालों में उँगलियाँ फिराईं, जबकि साहिल और अजय हमें देख रहे थे। मैं महसूस कर रही थी कि मेरी साँसें तेज हो रही हैं, दिल की धड़कन बढ़ गई है। ये सब इतना अप्रत्याशित था, लेकिन रोमांचक भी। नेहा ने मेरी टी-शर्ट ऊपर की, और उसकी उँगलियाँ मेरी कमर पर फिसलने लगीं।
अजय ने कहा, “प्रिया, तू तैयार है?” मैंने हाँ कहा, और रोहन ने मुझे सोफे पर लिटा दिया। साहिल ने नेहा को किस किया, और हम सब एक-दूसरे के करीब आ गए। रोहन की उँगलियाँ मेरे शरीर पर घूम रही थीं, जबकि नेहा मेरे स्तनों को सहला रही थी। मैं आँखें बंद करके उस सेंसेशन में खो गई—गर्माहट, स्पर्श, और वो भावना कि मैं केंद्र में हूँ।
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धीरे-धीरे कपड़े उतरने लगे। अजय मेरे पैरों के पास आया और मेरी जांघों को चूमने लगा, जबकि रोहन मेरे होंठों पर था। नेहा और साहिल एक-दूसरे को छू रहे थे, लेकिन उनकी नजरें मुझ पर थीं। मैं महसूस कर रही थी कि ये सिर्फ शारीरिक नहीं, बल्कि एक भावनात्मक कनेक्शन है—ट्रस्ट, एक्साइटमेंट, और वो फ्रीडम जो मैंने कभी महसूस नहीं की थी।
रोहन ने मुझे घुमाया और पीछे से प्रवेश किया, उसकी हर धक्का मुझे नई ऊँचाई पर ले जा रहा था। नेहा मेरे सामने आई और हमने एक-दूसरे को किस किया, उसकी जीभ मेरी जीभ से खेल रही थी। साहिल ने नेहा को पकड़ा और उसे मेरे बगल में लिटाया, जबकि अजय मेरे स्तनों को चूस रहा था। कमरे में सिसकियाँ और आहें गूँज रही थीं, हर स्पर्श में एक नई संवेदना थी।
मैंने महसूस किया कि रोहन की गति तेज हो रही है, और मैं चरम पर पहुँचने वाली हूँ। नेहा ने मेरे हाथ पकड़े और कहा, “प्रिया, ये तेरे लिए है।” अजय ने जगह बदली और अब वो मेरे साथ था, उसकी ताकत मुझे हिला रही थी। साहिल नेहा के साथ था, लेकिन हम सब एक-दूसरे से जुड़े हुए महसूस कर रहे थे—एक ग्रुप, एक अनुभव।
बदलते पोजीशन्स में रात बीतने लगी। कभी मैं ऊपर होती, कभी नीचे। नेहा और मैंने एक-दूसरे को छुआ, वो नरमी जो मैंने कभी नहीं जानी। रोहन की आँखों में प्यार था, लेकिन एक जंगलीपन भी। साहिल की ताकत और अजय की शरारत हर पल को अलग बना रही थी। मैं थक रही थी, लेकिन वो थकान सुखद थी, जैसे हर मसल रिलैक्स हो रहा हो।
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एक पल में हम सब फर्श पर थे, एक-दूसरे से लिपटे। रोहन ने मुझे अपनी बाहों में लिया और कहा, “आई लव यू, प्रिया।” नेहा हँसी और बोली, “ये बर्थडे यादगार बना।” मैंने आँखें बंद कीं, साँसें सामान्य होने लगीं, और वो गर्माहट अभी भी मेरे शरीर में बसी हुई थी।
अजय ने पानी का ग्लास दिया, और हम सब बातें करने लगे—कितना अच्छा लगा, कितना नया था। लेकिन अंदर मैं सोच रही थी कि ये सिर्फ एक रात नहीं, बल्कि हमारे रिश्तों में एक नया अध्याय है। नेहा मेरे पास लेटी और मेरे बाल सहलाने लगी, जबकि साहिल और रोहन हँसते हुए कुछ जोक्स शेयर कर रहे थे।
रात गहराती गई, और हम फिर से करीब आए। इस बार धीरे-धीरे, ज्यादा इमोशनल तरीके से। रोहन ने मुझे अकेले में लिया, लेकिन बाकी सब देख रहे थे। वो भावना कि मैं शेयर की जा रही हूँ, लेकिन सुरक्षित हूँ, मुझे भर रही थी। नेहा और साहिल ने एक-दूसरे के साथ जॉइन किया, और अजय मेरे साथ। हर टच में वैरायटी थी—कभी रफ, कभी सॉफ्ट।
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चरम के बाद हम सब लेटे रहे, साँसें मिली हुईं। मैंने रोहन की तरफ देखा, और उसकी मुस्कान ने मुझे आश्वस्त किया। ये पार्टी खत्म नहीं हुई थी, बल्कि अभी शुरू हुई थी। नेहा ने कहा, “प्रिया, तू खुश है न?” मैंने हाँ में सिर हिलाया, और हम सब एक-दूसरे से लिपट गए।
सुबह होने से पहले एक आखिरी राउंड हुआ, जहाँ हम सब ने पोजीशन्स बदलीं। मैं साहिल के साथ थी, उसकी ताकत मुझे नई अनुभूति दे रही थी, जबकि रोहन नेहा के साथ। अजय हमें देख रहा था, फिर जॉइन किया। वो मिश्रण—of jealousy, excitement, and love—मुझे अंदर से हिला रहा था।
अंत में, हम सब थककर लेटे, शरीर पसीने से भीगे, लेकिन दिल संतुष्ट। रोहन ने मेरे माथे पर किस किया, और मैंने आँखें बंद कीं, उस पल में खोकर।